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नई दिल्ली (16 जनवरी):  यूं तो सऊदी अरब में घूमने फिरने की बहुत सी जगह हैं लेकिन कुछ ऐसी हैं जहां जाकर वापस लौटने की इच्छा ही नहीं होती। आईए डालते हैं नजर उन पांच खास जगहों परः-

 

 

 

1- मादैन सालेह

 

यह सऊदी अरब की पहली जगह है जिसे यूनेस्को ने वर्ल्ड हैरिटेज साइट में शामिल की है।

 

 

 

2- नीले पानी की गोताखोरी

 

 

सऊदी अरब के अबु मदाफी और फरासान बीच दो ऐसी प्राचीन जगह हैं जहां का पानी एक दम शीशे की तरह साफ नीला है। दुनिया भर के सैलानी यहां आकर गोताखोरी करना पसंद करते हैं।

 

 

 

3- अल मस्जिद उन नबाबी

  

कहा जाता है कि इस मस्जिद को पैगंबर मुहम्मद साहब ने बनवाया था। यह दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिदों में से येक है। सैलानियों के लिए यह मस्जिद हमेशा खुली रहती है। 

 

 

 

4- शौक एल अलवी

 

यह सऊदी अरब का सबसे बड़ा बाजार है। यह बाजार हमेशा देशी-विदेशी सैलानियों से भरा रहता है। अरब की कला कृतियां, आभूषण और पारंपरिक पोशाक इस बाजार की खासियत हैं।

 

 

 

5- ताबुक कैसल

 

यह सबसे प्राचीन ऐतिहासिक इमारत है। बताते हैं कि 1559 में इसका निर्माण हुआ था। 1992 में इसका जीर्णोद्धार करवाया गया और अब यह प्रागैतिहासिक काल के नक्शों, चित्रों और टेक्स्ट का सबसे बड़ा लर्निंग सेंटर है।

नई दिल्ली: दिल्ली के नवनियुक्त उपराज्यपाल अनिल बैजल ने शनिवार को पद की शपथ ले ली है. इस दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे.

 

दिल्ली हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी ने बैजल को शपथ दिलाई.

 

हर मुद्दे पर ये बोले बैजल

बैजल ने कहा कि राष्ट्रपति और पीएम का आभारी हूं, जिन्होंने मुझे ये मौका दिया. दिल्ली की समस्याओं को कम करने का प्रयास करेंगे. हम सब जानते हैं कि क्या प्रॉब्लम है.

 

दिल्ली सरकार के साथ तनाव पर कहा काल्पनिक चीजों पर कुछ नहीं कहूंगा. मुझे नहीं पता की सुधरेंगे की नहीं या कैसे सुधरेंगे. बैठकर बात करेंगे.

 

देखेंगे कि क्या होगा. दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा के मामले पर उन्होंने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है. सुप्रीम कोर्ट तय करेगा फिर देखेंगे.

 

 

बीजेपी के भरोसेमंद

1969 बैच के आईएएस अफसर अनिल बैजल अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में गृह सचिव रहे हैं. बैजल लालकृष्ण आडवाणी के साथ गृह मंत्रालय में काम कर चुके हैं. इसके अलावा पूर्वोत्तर राज्यों समेत देश के तमाम क्षेत्रों में उन्हें काम करने का अनुभव रहा है.

 

दिल्ली में केंद्र और राज्य के बीच समन्वय कायम रखने में वे अहम भूमिका निभा सकते हैं. प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ तमाम मंत्रालयों के बीच तालमेल का भी उन्हें अच्छा खासा अनुभव है. दिल्ली में नजीब जंग के कार्यकाल में केजरीवाल सरकार से जारी टकराव को रोकने में भी उनका अनुभव काम आ सकता है.

 

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एमए की डिग्री हासिल करने वाले बैजल स्क्वैश, बैडमिंटन और टेनिस खेलना पसंद है. करीब 37 साल की सेवा के बाद 2006 में शहरी विकास मंत्रालय के सचिव पद से रिटायर हुए थे.

 

शुंगलू आयोग की रिपोर्ट पर बैजल का क्या रूख रहता है इसपर भी सबकी निगाहें होंगी. दिल्ली और केंद्र के बीच टकराव का सबसे बड़ा कारण यही रिपोर्ट रहा है. शुंगलू आयोग का गठन नजीब जंग ने किया था और केजरीवाल सरकार के फैसलों से संबंधित करीब 400 फाइलों की जांच के बाद इस समिति ने अपनी रिपोर्ट एलजी आफिस को सौंप रखी है.

 

 

डोभाल कनेक्शन

बैजल भी विवेकानंड फाउंडेशन से जुड़े रहे हैं जिसके संस्थापक अजीत डोभाल हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी उनकी नजदीकी है. डोभाल मोदी सरकार में सबसे मजबूत शख्स माने जाते हैं

 

. बैजल की उनसे नजदीकी कामकाज में मददगार साबित हो सकती है. पीएम मोदी के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र भी विवेकानंद फाउंडेशन से जुड़े रहे हैं. प्रसार भारती के चेयरमैन ए सूर्य प्रकाश और आईआईएमसी के चेयरमैन के जी सुरेश समेत तमाम लोग इसी बैकग्राउंड से आते हैं.

पटना।। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विरोध में लगातार बयान दे रहे दो सांसदों को जनता दल (युनाइटेड) ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में छह वर्ष के लिए निलंबित कर दिया।

 

इसकी पुष्टि करते हुए जद (यू) के प्रवक्ता केसी त्यागी ने बुधवार को बताया कि मुजफ्फरपुर के सांसद जय नारायण निषाद और गोपालगंज के सांसद पूर्णमासी राम को पार्टी से छह वर्ष के लिए निलंबित कर दिया गया।

 

दोनों सांसद लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे और बिहार के मुख्यमंत्री के विरोध में बयान दे रहे थे।

 

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व निषाद ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री के उम्मीदवार मोदी को प्रधानमंत्री बनाने की इच्छा पूर्ति के लिए एक यज्ञ करवाया था।

 

उधर, राम ने मंगलवार को नीतीश पर चारा घोटाला में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा था कि अगर वे दोषी हैं तो उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

पटना।। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुलिस अफसरों से कहा है-'सतर्क रहें, तैयार रहें। कुछ लोगों द्वारा प्रदेश का अमन- चैन बिगाड़ने की कोशिश होगी। इस पर नजर रखने की जरूरत है। इसके लिए परिस्थितियां बनाई जा सकती हैं। इसलिए पहले से ही तैयार रहना चाहिए।' मुख्यमंत्री खुले मंच से पुलिस के आला अफसरों से यह सब कह रहे थे, उनको आगाह कर रहे थे। मौका, संवाद कक्ष में बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम द्वारा निर्मित 75 पुलिस भवनों का उद्घाटन व 50 पुलिस भवनों के शिलान्यास समारोह का था। उन्होंने सीआइडी के राज्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति संरक्षण कक्ष की वेबसाइट का लोकार्पण भी किया।

मुख्यमंत्री ने पुलिस अफसरों को तैयारियों के संबंध में कहा कि जो विद्यार्थी सभी दिन पढ़ाई करता है उसे परीक्षा के अंतिम समय में पढ़ाई की जरूरत नहीं पड़ती। हम तो स्वयं इस प्रवृत्ति के हैं सभी दिन पढ़ें। कहा कि पर्व-त्योहार आ रहा है इसलिए पहले से ही सजगता रहनी चाहिए। इस पर ध्यान रखने की आवश्यकता है कि मौके का फायदा उठाकर कोई समाज में विद्वेष न पैदा कर दे। मानसिक रूप से तैयार रहने की आवश्यकता है। आगे की संभावनाओं को लेकर वह इसलिए आशंका प्रकट कर रहे हैं जो भी तैयारी हो वह समय रहते हो जाए।

मुख्यमंत्री के अनुसार अभी तो कुछ महीने तक दूसरी बातों की चर्चा होगी पर दो-तीन माह बाद आपदा पर विशेष बात शुरू होगी। सूखा पड़ गया है। हथिया आ गया है पर बारिश नहीं हो रही। ऐसे में इस बात की भी संभावना है कि रबी के मौसम में भी मुश्किल होगी। इस बात को लेकर बहुत जगहों पर लोग धैर्य खोएंगे। सबको मिल- जुलकर इन स्थितियों का मुकाबला करना होगा।

राहुल गांधी के बयान को सही ठहराया : दागी राजनीतिज्ञों के बारे संसद के पारित अध्यादेश को राहुल गांधी द्वारा बकवास बताने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राहुल गांधी सही कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के इस विचार से वे सहमत हैं। गुरुवार को स्वयं भी वे इस आशय की प्रतिक्रिया दे चुके हैं।

पटना।। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बिहार को विशेष दर्जा दिलाने की मुहिम पर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री राजीव प्रताप रूडी ने शनिवार को कुछ इस अंदाज में प्रहार किया-'बार-बार वे केंद्र सरकार से विशेष दर्जा, विशेष पैकेज एवं विशेष राहत की मांग कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे तो उन्हें बिना मांगे ही यह सब दे देंगे।' रूडी श्रीकृष्ण मेमोरियल हाल में आयोजित पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री के 100वें जयंती समारोह में बोल रहे थे। 

रूडी ने कहा कि नीतीश कुमार के शब्दकोष खाली हो गए हैं। वे नरेंद्र मोदी का उपहास उड़ाने के लिए कह रहे हैं कि उनके पक्ष में 'ब्लोअर' चल रहा है। गांधी मैदान में 27 अक्टूबर को होने वाली हुंकार रैली में नीतीश खुद देख लेंगे कि असली हवा क्या होती है, और किसके पक्ष में चल रही है। भाजपा 2014 में केंद्र में और अपने बूते 2015 में बिहार में सरकार बनाएगी। 

वहीं बिहार भाजपा के तीन अहम नेता-पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय और नेता प्रतिपक्ष नंदकिशोर यादव की अनुपस्थिति भी समारोह में चर्चा का विषय रही। मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित पार्टी के यूपी प्रभारी अमित शाह भी नहीं आए।

पटना।। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक निजी चैनल के लोकप्रिय 'टाक शो' में भाजपा और नमो (नरेंद्र मोदी) पर तीखे प्रहार किए। हालांकि उन्होंने खुद न तो भाजपा का नाम लिया, न ही नरेंद्र मोदी का। उनसे पूछे गए सवालों के दौरान ये नाम जरूर आए।

मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि-'वे लोग' नाजियों और फासिस्टों के अंदाज में अपने से असहमत लोगों को दबा रहे हैं। उनको विरोध बर्दाश्त नहीं है। जैसे जानवरों के मुंह पर जाबी लगायी जाती है ठीक उसी तरह कर रहें वो। बिहार के एक नामी-गिरामी पत्रकार ने एक बार जब 'उनकी' आलोचना की, तो सोशल मीडिया पर कैम्पेन चलाकर वरिष्ठ पत्रकार को अपमानित किया गया। यह तो छोड़ दीजिए, 'उन लोगों' ने नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री डा.अम‌र्त्य सेन तक को नहीं बख्शा। डा.सेन के खिलाफ भी बड़े स्तर पर सोशल मीडिया में अभियान चलाया। यह एक खतरनाक ट्रेंड है। ठीक उसी तरह की बात है, जैसे नाजी और फासिस्ट किया करते थे, जैसे उनको लोकतंत्र से पूरी तरह से असहमति थी। लोकतंत्र की बात करने वाले 'उनको' बर्दाश्त नहीं है।

मुख्यमंत्री ने पुरानी बातें भी खूब की। एंकर को बताया कि 2010 में भाजपा कार्यकारिणी की बैठक में नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करने की बात हुई थी तब मैं तो राज्यपाल को अपना इस्तीफा देने की तैयारी करने लगा था। मात्र दस मिनट का फासला था राजभवन से। भाजपा और राजद के रिश्ते पर भी बोले मुख्यमंत्री। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 'साफ-साफ अंडरस्टैंडिंग, यानी स्पष्ट समझ है दोनों की। दोनों की बोली भी एक ही निकलती है।' उन्होंने कहा कि ऐसा संभव है कि आने वाले लोकसभा चुनाव में जदयू को नुकसान पहुंचाने के लिए भाजपा और राजद नीतिगत समझ विकसित कर लें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के साथ उनका गठबंधन सत्रह वर्षो तक चला। यह गठबंधन बुनियादी मुद्दों पर आधारित था। यह तय था कि विवादास्पद मुद्दों को किनारे रखा जाएगा। जब कहीं भी गठबंधन होता है तो वहां गठबंधन में शामिल पार्टी एक-दूसरे का सम्मान करती है और कुछ बुनियादी समझ भी रहती है पर भाजपा इससे भटक गई।

'टाक शो' में मुख्यमंत्री से मशरख में मिड डे मील खाने से बच्चों की हुई मौत पर भी सवाल किए गए। उन्होंने कहा कि 'मैं आहत हूं, गहरा दुख है इसका। हमलोगों ने तय किया है कि उक्त दुर्घटना में मारे गए बच्चों की स्मृतियों में वहां एक स्मारक बनाएंगे। वहां सड़क और एक हाईस्कूल भी बनाया जाएगा।'

मधेपुरा।। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि देश के राजनीतिक हालात बता रहे हैं कि आगामी लोकसभा चुनाव में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिलेगा। देश में एक बार फिर साझा सरकार ही बनेगी। भाजपा ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है। यह भाजपा का अंदरूनी मामला है। शरद गुरुवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

शरद ने कहा कि मधेपुरा संसदीय क्षेत्र से उनका चुनाव लड़ना तय नहीं है। कहा कि लोकसभा का चुनाव कहां से लडूंगा यह पार्टी तय करेगी वह भी सर्वसम्मति से। वे पिछले 21 साल से संसद में मधेपुरा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। दागी नेताओं के चुनाव लड़ने पर रोक लगाए जाने संबंधी शीर्ष कोर्ट के फैसले पर उन्होंने कहा कि कोर्ट को चुनाव आयोग के काम में हस्तक्षेप करने से बचना चाहिए। कांग्रेस की ओर से इस बारे में अध्यादेश लाए जाने की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि संसद को नजरअंदाज करके कोई भी अध्यादेश लाना ठीक नहीं। उनकी पार्टी कांग्रेस के इस कदम का विरोध करती है। लोकतंत्र का यह तकाजा है कि अध्यादेश लाए जाने से पहले संसद में चर्चा जरूर होनी चाहिए थी।

नरेंद्र मोदी के पीएम पद के प्रत्याशी के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि मीडिया किसी को प्रधानमंत्री नहीं बनाती बल्कि प्रधानमंत्री जनता बनाती है। शरद ने बताया कि मधेपुरा में विद्युत रेल इंजन फैक्ट्री की स्थापना के लिए मैंने प्रयास शुरू कर दिए हैं। रेल मंत्री से वार्ता भी की है। संसदीय क्षेत्र की अन्य विकास योजनाओं की भी उन्होंने चर्चा की।

पटना।। राज्यों का पिछड़ापन तय करने के लिए बनी रघुराम राजन कमेटी की रिपोर्ट से उत्साहित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार से शुरू हुई एक मुहिम ने देश की राजनीति की दिशा बदल दी है। उन्होंने कमेटी की रिपोर्ट पर विशेष पहल करने के वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बयान का स्वागत किया और बिहारवासियों को इसके लिए कोटि-कोटि बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह देश की नीतियों में आमूलचूल परिवर्तन का परिचायक है। पिछड़े राज्य के दर्द की कहानी को ले हम आगे बढ़े और हमें सफलता मिली है। नीतीश, गुरुवार को यहां संवाददाताओं से बात कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो रिपोर्ट आई है उससे बिहार अब आगे ज्यादा सहायता प्राप्त कर सकेगा। अब हमारे साथ अन्याय या भेदभाव नहीं हो सकेगा। हमने जो लड़ाई आरंभ की, उसका राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव पड़ा है। बिहार समेत सभी पिछड़े राज्यों को इस लाभ मिलेगा।

नीतीश कुमार संध्या चार बजे जदयू कार्यालय पहुंचे जहां ढोल-बाजे और पटाखों से उत्साह जैसा माहौल था। मुख्यमंत्री के अनुसार- ''वित्त मंत्री चिदंबरम ने अपने बयान में कहा है कि पिछड़े राज्यों को अधिक 'फंड' और 'अटेनशन' मिलेगा। रिपोर्ट का अध्ययन कर उचित कार्रवाई करेंगे।'' हम चाहते हैं कि जितनी जल्द हो सके बिहार एवं अन्य पिछड़े राज्यों के लिए यह पहल हो। केंद्र सरकार ने प्रति व्यक्ति उपभोग को एक पैमाना माना है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस रिपोर्ट को वित्त मंत्री के बयान के साथ सार्वजनिक किया गया है। प्रधानमंत्री ने भी इस पर अपनी मुहर लगाते हुए वित्त मंत्रालय को आगे की कार्रवाई का निर्देश दिया है।

नीतीश ने कहा कि विशेष दर्जा के लिए हमने निरंतर अभियान चलाया है। 1.18 करोड़ बिहारवासियों के हस्ताक्षर के साथ प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद केंद्र सरकार ने अंतरमंत्रालयी समूह का गठन किया। परन्तु अंतरमंत्रालयी समूह ने हमारी मांग को यह कह खारिज कर दिया कि बिहार विशेष दर्जा के लिए निर्धारित मापदंड पर खरा नहीं उतरता। हमने अपना अभियान जारी रखते मापदंड बदलने पर जोर दिया। पटना के गांधी मैदान में रैली के बाद दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली की। तब हमारी मांग पर विचार करते हुए केंद्र सरकार ने रघुराम राजन की अध्यक्षता में यह कमेटी गठित की जिसमें बिहार के भी एक अर्थशास्त्री शैबाल गुप्ता को शामिल किया गया। यह हमारे सिद्धांत की जीत है।

'रंग बदलने के माहिर हैं सुमो' : मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशील कुमार मोदी रंग बदलने के माहिर हैं। अभी वह जहां हैं, वहां अपनी जगह बनाने में लगे हैं। मुख्यमंत्री से पूछा गया था कि पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी इसे 'खोदा पहाड़ निकली चुहिया' की संज्ञा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके बारे में मुझसे कुछ पूछते हैं। लेकिन, मुझे क्षमा कर दीजिए। मुझे तो तरस आता है। अगर गठबंधन टूटा नहीं होता तो सबसे पहले अभी उछल कर वही बोलते। लेकिन वह अभी जहां हैं, वहां अपनी जगह बनाने के लिए ऐसा कह रहे हैं।

राजद सुप्रीमो बोले : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता को बेवकूफ बना रहे हैं। ठग रहे हैं। रघुराम राजन कमिटी के एजेंडे में विशेष राज्य का दर्जा शामिल नहीं था। कमिटी का गठन तो राज्यों के कंपोजिट विकास इंडेक्स तैयार करने के लिए हुआ था। इसके बावजूद मुख्यमंत्री विशेष राज्य का दर्जा मिलने की बात कर जश्न मना रहे हैं, तो उन पर तरस आती है।

 सुमो का बयान : रघुराम राजन की रिपोर्ट, 'खोदा पहाड़, निकली चुहिया' वाली कहावत को चरितार्थ करती है। इससे बिहार को कुछ नहीं मिलेगा। पता नहीं क्यों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस रिपोर्ट का स्वागत कर रहे हैं। इसमें स्वागत करने के लिए कुछ भी नहीं है। नीतीश कुमार कहते रहे हैं कि विशेष राज्य का दर्जा से कम उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं है। वे अब अपना स्टैंड बदल रहे हैं।

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